Wednesday, July 7, 2021

हमें अच्छा लगेगा


गले लगाओगे तो हमे अच्छा लगेगा,
माथा चूमकर हक जताओगे तो हमे अच्छा लगेगा।

एक शाम ही सही पर तेरे नजदीक बैठूं मै,
मुझे में बाहों में भर लेना हमे अच्छा लगेगा।

चाहे कदम संग चार चले हम और तुम,
हाथों में हाथ थाम चलेंगे तो हमे अच्छा लगेगा।

जिंदगी भर हम तुम्हारे और तुम हमारे ,
हर लम्हा मेरे पास रहोगे तो हमे अच्छा लगेगा।

सर्द फिजाये बनकर वादियों में आसीन रहो तुम,
सनम ये तेरा मीठा एहसास हमे अच्छा लगेगा ।

मोहब्बत में तुम याद कर मुस्कुराओगे अगर,
सनम तुम्हारा मुस्कुराना हमे अच्छा लगेगा।


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सृष्टि की रचयिता की तरह आप भी एक रचनाकार हो, हा जी आप स्त्री हो आप भी जीवन देने वाली एक शिल्पकार हो ।। ©️Poet Sunil Gavaskar