Monday, September 19, 2022

रूह

जिस दिन से छोड़कर गए हो आप हमें,
उसी लम्हे से हम भी खुद को छोड़ चुके है,
अब रूह सी जिंदगी सिर्फ अपनो के लिए जी रहे,
मगर हा ये वादा जरूर है तुमसे अगर किसी जनम
मेरी रूह किसी नए शरीर से मिलेगी तो ये सिर्फ तेरे लिए ही मिलेगी।
वरना यूही ये सदियों तक तेरी तलाश में भटकती रहेगी ।

©️Poet Sunil Gavaskar

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स्त्री आप भी रचनाकार हो

सृष्टि की रचयिता की तरह आप भी एक रचनाकार हो, हा जी आप स्त्री हो आप भी जीवन देने वाली एक शिल्पकार हो ।। ©️Poet Sunil Gavaskar