Tuesday, November 8, 2022
Monday, September 19, 2022
रूह
जिस दिन से छोड़कर गए हो आप हमें,
उसी लम्हे से हम भी खुद को छोड़ चुके है,
अब रूह सी जिंदगी सिर्फ अपनो के लिए जी रहे,
मगर हा ये वादा जरूर है तुमसे अगर किसी जनम
मेरी रूह किसी नए शरीर से मिलेगी तो ये सिर्फ तेरे लिए ही मिलेगी।
वरना यूही ये सदियों तक तेरी तलाश में भटकती रहेगी ।
©️Poet Sunil Gavaskar
Sunday, August 7, 2022
महताब
ना महताब कहेंगे ना ही कोहिनूर की आब कहेंगे,
मगर हा इतना जरूर कहेंगे,
अब से ये चांद सितारे और फूलों की बहारें,
आप की तरह हुस्न पाने की दुआ जरूर मांगेंगे।।
©️Poet Sunil Gavaskar
Monday, July 4, 2022
soul and body shayari
In love, the body is equally important,
As much as there is the body for the soul and the soul for the body.
© ️ Poet Sunil Gavaskar
जिस्म और रूह
मेरी जान मोहब्बत में जिस्म उतना ही जरूरी है,
जितना की रूह के लिए जिस्म और जिस्म के लिए रूह की होती है।
©️Poet Sunil Gavaskar
स्त्री
किसी ने हमसे पूछा की रीढ़ का शाब्दिक
अर्थ क्या होता है ,
भाषा की समझ ज्यादा नहीं थी मुझमें फिर भी
मैने मुस्कुराकर बोला स्त्री होता है।
menstrual period
First Period आने से आप शरमाए नहीं,
और ना ही घबराए बल्कि खुद पर गर्व करे की,
आप भी खुदा की तरह एक जान को जन्म दे सकते हो।।
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स्त्री आप भी रचनाकार हो
सृष्टि की रचयिता की तरह आप भी एक रचनाकार हो, हा जी आप स्त्री हो आप भी जीवन देने वाली एक शिल्पकार हो ।। ©️Poet Sunil Gavaskar
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स्त्री का मुस्कुराना इस जहां के लिए ही नहीं बल्कि रब के लिए भी एक खूबसूरत अनमोल नजराना है। स्त्री रब की इबादत हैं आपके ऊपर है अपनाना है या ...