सेवा तुम दर्पण तुम !
हर ख्वाब की अर्पण तुम !
खुशहाल चेहरों की अरमान तुम !
हर फरियादी की फरियाद तुम !
अपनी रैना छोड़ के
हर नयन की सपने संजोए तुम !
अपनी खुशियां छोड़ के
हर घर की खुशियां पिरोए तुम !
अपनी चाह को छोड़ के
हर चाह बचाने आए तुम
लोगो के टूटते उम्मीदों में
रकीब बनकर आए हो तुम
जिंदगानी की तलाश में
हाफिज बनकर आए हो तुम !
खुदा पूछ रहा है कौन हो तुम !
सुनील का कहना डॉक्टर और नर्स हो तुम !
इस देश की आन,बान और शान हो तुम
-Sunil Gavaskar
__तारीफ_ए_क़ाबिल
ReplyDelete👌👌👌👌👌👌
ReplyDeleteअतिसुन्दर
ReplyDeleteNice
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