तकरार छोड़ो ना यार चलो
मोहब्बत करते हैं 😊😊
कश्मीर की डल झील में हो जैसे नहाना तेरा
मुझे देख शर्म से कसम से आंखें झुकाना तेरा
वो ज़ालिम अदाएं देख कर हम होश में न आए
उस पानी की क्या किस्मत जिसमें आप नहाए
इतनी खूबसूरत झील पर चार चांँद लगाना तेरा
मुझे देख शर्म से कसम से आंखें झुकाना तेरा
महकती वादियों को देखें या आपका चेहरा देंखें
जादुई नजारा है कशमकश में है पहले क्या देखें
सिर से दुपट्टे को आहिस्ता आहिस्ता हटाना तेरा
मुझे देख शर्म से कसम से आंखें झुकाना तेरा
झील में उतरना तेरा पानी का कैसे महकाना तेरा
सारी भोली मछलियों को अपने बस में लाना तेरा
ये सब नजारा देख कैसे होश में आए दिवाना तेरा
मुझे देख शर्म से कसम से आंखें झुकाना तेरा
Very nice 👌👌❤️
ReplyDeleteNice one dera
ReplyDeleteबहुतखूब 👌👌
ReplyDeleteNice 👌👌
ReplyDeleteKya baat hai...
ReplyDeleteFantastic sir ji
ReplyDeleteVery nice weldon
ReplyDeleteVery nice poem 👍👍
ReplyDeleteOsm bhot hi pyari lines h
DeleteBhot pyara likha h too good
Simply awesome...!!! ☺️
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