यह देश की विडंबना ही तो है
एक तरफ लड़कियों को तुम देवी हो का रिवाज मनाया जाता है,
वही दूसरी तरफ बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का स्लोगन दिया जाता है।
©️Poet Sunil Gavaskar
सृष्टि की रचयिता की तरह आप भी एक रचनाकार हो, हा जी आप स्त्री हो आप भी जीवन देने वाली एक शिल्पकार हो ।। ©️Poet Sunil Gavaskar
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