मगर हा इतना जरूर कहेंगे,
अब से ये चांद सितारे और फूलों की बहारें,
आप की तरह हुस्न पाने की दुआ जरूर मांगेंगे।।
©️Poet Sunil Gavaskar
सृष्टि की रचयिता की तरह आप भी एक रचनाकार हो, हा जी आप स्त्री हो आप भी जीवन देने वाली एक शिल्पकार हो ।। ©️Poet Sunil Gavaskar