Monday, September 19, 2022

रूह

जिस दिन से छोड़कर गए हो आप हमें,
उसी लम्हे से हम भी खुद को छोड़ चुके है,
अब रूह सी जिंदगी सिर्फ अपनो के लिए जी रहे,
मगर हा ये वादा जरूर है तुमसे अगर किसी जनम
मेरी रूह किसी नए शरीर से मिलेगी तो ये सिर्फ तेरे लिए ही मिलेगी।
वरना यूही ये सदियों तक तेरी तलाश में भटकती रहेगी ।

©️Poet Sunil Gavaskar

Sunday, August 7, 2022

महताब

ना महताब कहेंगे ना ही कोहिनूर की आब कहेंगे, 
मगर हा इतना जरूर कहेंगे,
अब से ये चांद सितारे और फूलों की बहारें,
आप की तरह हुस्न पाने की दुआ जरूर मांगेंगे।।
©️Poet Sunil Gavaskar

Monday, July 4, 2022

soul and body shayari

In love, the body is equally important,
As much as there is the body for the soul and the soul for the body.
© ️ Poet Sunil Gavaskar

जिस्म और रूह

मेरी जान मोहब्बत में जिस्म उतना ही जरूरी है,
जितना की रूह के लिए जिस्म और जिस्म के लिए रूह की होती है।
©️Poet Sunil Gavaskar

स्त्री

किसी ने हमसे पूछा की रीढ़ का शाब्दिक
अर्थ क्या होता है ,
भाषा की समझ ज्यादा नहीं थी मुझमें फिर भी
मैने मुस्कुराकर बोला स्त्री होता है।
©️Poet Sunil Gavaskar

menstrual period

First Period आने से आप शरमाए नहीं,
और ना ही घबराए बल्कि खुद पर गर्व करे की,
आप भी खुदा की तरह एक जान को जन्म दे सकते हो।।
©️Poet Sunil Gavaskar

स्त्री

यह देश की विडंबना ही तो है
एक तरफ लड़कियों को तुम देवी हो का रिवाज मनाया जाता है,
वही दूसरी तरफ बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का स्लोगन दिया जाता है।
©️Poet Sunil Gavaskar

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स्त्री आप भी रचनाकार हो

सृष्टि की रचयिता की तरह आप भी एक रचनाकार हो, हा जी आप स्त्री हो आप भी जीवन देने वाली एक शिल्पकार हो ।। ©️Poet Sunil Gavaskar