Friday, May 21, 2021

ऐ मेरी जिंदगी

ऐ मेरी जिंदगी फिर से बहार आएगी,
वक़्त का इंतजार तो कर।

बेजान गुलशन में फिर से गुल खिलेंगे,
कलियों पर ऐतबार तो कर।

सूखे चितवन में फिर से बारिश होगी,
बादलों से इकरार तो कर।

जहरीली फिजाओं में फिर से महक होगी,
हवाओं से अरमान तो कर।

वीरान सी जिंदगी में फिर से महफिलें सजेंगी,
लोगो से इजहार तो कर।

ख़ामोश बरेली में फिर से मिलेंगे झुमके,
बाजारों में झनकार तो कर।

वफा से खता कर आएं तेरे गलियों में ,
बेवफा को इनकार तो कर।

फिर से चिंगारी जल उठेंगी,
पहले अग्नि से यलगार तो कर।

ऐ मेरी जिंदगी फिर से बहार आयेगी,
वक़्त का इंतजार तो कर।

27 comments:

  1. वेरी नाइस बहुत सुंदर

    ReplyDelete
  2. Bahoot hi Sundar kavita likhi hai Sunil.

    ReplyDelete
  3. जिंदगी से भला यहा कौन डरता है,
    आपके द्वारा ये बहुत सुन्दर कविता है।।

    ReplyDelete
  4. Very heart touching line...so beautiful poem.

    ReplyDelete
  5. अतिसुंदर कविता है

    ReplyDelete
  6. Thanks to everyone for your support and love

    ReplyDelete
  7. बेहद बेहतरीन रचना बहुत खूब

    ReplyDelete

Your feedback and suggestion valuable for us Please Comment

Read More

स्त्री आप भी रचनाकार हो

सृष्टि की रचयिता की तरह आप भी एक रचनाकार हो, हा जी आप स्त्री हो आप भी जीवन देने वाली एक शिल्पकार हो ।। ©️Poet Sunil Gavaskar