Friday, June 4, 2021

ऐ मेरे करीब-ए-दिल

ऐ मेरे करीब ए दिल ..
तुमको जाना है तो बेशक जाओ,
पर मेरे दिल की तमन्ना तो सुनते जाओ।

हो सकता है तुमको हमसे ज्यादा,
कोई जहीन मिला हो ।
लेकिन अपने संग ले गए ,
ऐ मेरी उम्मीद- ए- जिंदगी 
मेरी मुस्कुराहट तो लौटाते जाओ ।

हो सकता है तेरे दिल में ,
किसी और का इश्तियाक हुआ हो ।
लेकिन तेरे साथ देखे मेरे हर ख्वाबों की ,
रंगत तो लौटाते जाओ ।

हो सकता है कोई लुटेरा मनप्रीत 
तेरे जेहन में आया हो ।
लेकिन मेरे संग किए गए ,
हर रीत तो निभाते जाओ ।

हो सकता है तेरी दुनिया में ,
किसी गंधराज का सरायत हुआ हो ।
लेकिन तेरे लिए मेरे दिल में उमड़ते, 
नजरे-ए-इनायत तो लौटाते जाओ।

हो सकता है तेरे दिल को हरने के लिए, 
किसी ने अपने लफ्जो से इरशाद किया हो ।
ऐ मेरे महबूब-ए-नजर खुदा से की गई,
मेरी हर फरियाद तो लौटाते जाओ ।

ऐ मेरे करीब ए दिल..
तुमको जाना है तो बेशक जाओ,
पर मेरे दिल की तमन्ना तो सुनते जाओ ।   

27 comments:

  1. ऐ मेरे करीब ए दिल।।।।
    ह्रदयस्पर्शी आवतरण। धन्यवाद शुनील भाई

    ReplyDelete

Your feedback and suggestion valuable for us Please Comment

Read More

स्त्री आप भी रचनाकार हो

सृष्टि की रचयिता की तरह आप भी एक रचनाकार हो, हा जी आप स्त्री हो आप भी जीवन देने वाली एक शिल्पकार हो ।। ©️Poet Sunil Gavaskar