सनम तेरी मोहब्बत में रंगीन -ए -इश्क होना है,
तेरी आंखो के समंदर में रंगीन -ए -झील होना है।
तुझे मेरे लिए खुसबू - ए - गुलशन में रंगीन होना है,
जैसे बारिश के मौसम में गुलशन हसीन होती है।
सनम तेरी पनाहों में मुझे आमीन होना है,
जैसे ये वादिया पक्षियों के लिए हीर होती है।
सनम तेरी हसरतों के लिए मुझे जहीन होना है,
जैसे ये बादल बारिश के लिए संगीन होती है।
सनम तेरी दौलत - ए -हुस्न में मुझे शामिल होना है,
जैसे महफिलों के लिए मदिरा की जाम होती है।
सनम तेरी बाहों में मुझे आसीन होना है,
जैसे फूलों की आगोश में तितलियां साज होती है।
सनम तेरी चाहत में मनप्रीत होना है,
जैसे पपिहा को रिझाने के लिए कोयल गीत गाती है।
सनम तेरी मोहब्बत में रंगीन -ए -इश्क होना है,
Very good
ReplyDeleteSuper
ReplyDeleteSuperb se uper
ReplyDeleteGajab maja a gaya bhai kiya khub likha hai
ReplyDeleteHujur ap ke dono hanth chahiye
ReplyDeleteSuper duper hit
ReplyDeleteAmazing line sir ji
ReplyDeleteNice bhai
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